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Tuesday, September 14, 2021

हर पल सुनहरा:हिंदी के साथ--पूनम बाला

 14th September 2021 at 12:20 PM

प्रताप कालेज आफ ऐजुकेशन ने भी मनाया हिंदी दिवस 


लुधियाना
: 14 सितंबर 2021: (कार्तिका सिंह//हिंदी स्क्रीन)::

शायद कोविड नियमों की मजबूरियां इस बार भी आड़े आ रही हों वरना प्रताप कालेज आफ ऐजुकेशन, लुधियाना आयोजनों को भव्य अंदाज़ में किया करता है। इस मामले में यह कालेज हमेशां ही बहुत अच्छी कारगुज़ारी दिखाता रहा है। इस बार कालज द्वारा "हिंदी दिवस" के उपलक्ष्य में बहुत ही सादगी से हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस बार भी जिन संस्थानों से बड़े पैमाने पर हिंदी दिवस मनाए जाने की अपेक्षा थी उनमें प्रताप कालेज ऑफ़ एजुकेशन भी एक था। मौजूदा हालात में इतना भी बहुत है। 

इस बार भी हिंदी दिवस आया तो कालेज का वही जाना पहचाना चेहरा आगे आया-प्रोफेसर पूनम बाला का। कालेज में ही कार्यरत्त हिंदी की सहायक शिक्षिका श्रीमती पूनम बाला ने संयोजिका के रूप में समूह स्टाफ सदस्यों व विद्यार्थियों को हिंदी दिवस की बधाई देते हुए समारोह की शुरुआत की। सरस्वती वंदना के पश्चात अपने सम्बोधन में उन्होंने हिंदी दिवस मनाये जाने का औचित्य बताया।उन्होंने अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से सभी को हिंदी भाषा अपनाने के लिए प्रेरित किया। भारत की नई शिक्षा नीति के अनुसार हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात महाविद्यालय के भावी शिक्षकों द्वारा हिंदी को समर्पित कविताओं का काव्य पाठ किया गया।इस अवसर पर उपस्थित समूह स्टाफ सदस्यों ने भावी अध्यापकों द्वारा उच्चरित कविताओं की सराहना की। उल्लेखनीय है कि पूनम बाला बहुत ही अच्छी शायरी करती हैं। दिल को छू लेने वाली शायरी। साथ ही मंच संचालन में भी किसी प्रोफेशनल एंकर से काम नहीं हैं उनकी कला। 

कालेज डायरेक्टर डा.बलवंत सिंह तथा प्रिंसिपल डा.मनप्रीत कौर ने एक संदेश द्वारा सभी को हिंदी दिवस की बधाई दी।अंत में समारोह की संयोजिका श्रीमती पूनम बाला ने सभी का धन्यवाद  किया। गौरतलब है कि हिंदी और साहित्य के मामले में कालेज की प्रिंसिपल डा. मनप्रीत कर बहुत ही गहरा ज्ञान रखती हैं। 

Friday, July 2, 2021

काव्य गोष्ठी: नारी मन की थाह पाने का प्रयास रहा इस बार भी

Thursday: 1st July 2021 at 4:50 PM Via WhatsApp

महिला काव्य मंच ने किया एक और यादगारी आयोजन 

लुधियाना//ऑनलाइन मंच (कार्तिका सिंह//हिंदी स्क्रीन):: 

जुनून नज़र तो आ जाता है पर फिर भी इसे किस्मत वाले लोग ही देख पाते हैं। न तो यह सभी की किस्मत में होता है न ही सभी को यह नज़र आ पाता है। बस एक तूफ़ान सा मन में उठता है जिसे संभालना सभी के बस में होता भी नहीं। इसका अहसास हुआ जब पिछली बार लॉकडाउन लगा। इसके बाद कर्फ्यू का एलान हो गया। सब लोग अपने अपने घरों में बंद। कोरोना के आतंक ने और भी निराश कर दिया था। कभी कभी--हर हफ्ते जा हर महीने किसी न किसी शायरी  में पहुंचना एक अलग सा आनंद देता था। अपनी शायरी सुनना, दूसरों की सुनना-एक अलग सा परिवार बनता जा रहा। था। जनाब नरेश नाज़ और उनकी धर्मपत्नी के प्रयास रंग ला रहे हैं। शायरी के मैदान में निकलीं इन महिला कलमकारों का काफिला विशाल होता जा रहा है।

आप शायरी के वक़्त मुस्करा रही इन कलमकारों के चेहरों को ज़रा ध्यान से देखें तो आपको मुस्कान के पीछे छिपी हुई स्ट्रगल भी बहुत ही आसानी से नज़र आएगी। इनकी शायरी की पंक्तियां ज़िंदगी की आंख से आंख मिला कर बात करती हैं। पुरुष प्रधान समाज की सभी चालों को इनकी शायरी बहुत ही सलीके से बेनकाब कर देती हैं। इनके आयोजन होते रहते हैं। अब फर्क सिर्फ इतना कि आमने सामने या साथ साथ बैठ कर गरमा गर्म समोसे, गुलाब जामुन और चाय का मज़ा आम नहीं  रहा। जल्द ही वे दिन दोबारा आएंगे इसकी उम्मीदें सभी को हैं। इस बार का ऑनलाइन आयोजन भी अच्छा रहा। देखिए एक संक्षिप्त सी रिपोर्ट। 

महिला काव्य मंच, लुधियाना इकाई की मासिक काव्य गोष्ठी 29 जून 2021 को आजकल के चलन को सामने रखते हुए आनलाइन आयोजित की गई। लुधियाना इकाई की अध्यक्षा सुश्री बेनु सतीशकांत जी ने गोष्ठी की अध्यक्षता की। डा. मोनिका शर्मा नें मंच संचालन बखूबी निभाया।  श्रीमती बेनु सतीशकांत ने गोष्ठी में जुड़ी सभी कवयित्रियों का स्वागत किया और मुख्य अतिथि पंजाब इकाई की उपाध्यक्ष श्रीमती इरादीप त्रेहन जी का स्वागत भी किया। गोष्ठी में उपस्थित सभी तीस कवयित्रियों ने बहुत ही बढिया विषयों को उठाया और सुंदर भावों के साथ प्रस्तुत कर समां बाँध दिया।

सीमा भाटिया, पूनम सपरा, पूर्वा सिंह, ममता जैन, रश्मि अस्थाना, मोनिका चौधरी, ममता शर्मा, शालू, मोनिका कटारिया, अनुराधा कटारिया, ममता वडेहरा, अलका शर्मा, रचना गुलाटी, संतोष गोतम, नीतू जोशी, बृज बाला, राधा शर्मा, अनु बहल, सोनिया बुधिराजा, श्रुति, निधि सागर, नैंसी शर्मा,ज्योति बजाज,श्रद्धा शुक्ला,अंशु मदान, सविता अबरोल, बेनु सतीशकांत ,इरादीप त्रेहन और डा. मोनिका शर्मा जी ने नारी मन, आंखों, नारी अस्मिता से जुड़े सवालों, प्रेम की सुकोमल भावनाओं, देश भक्ति और मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं पर बहुत ही खूबसूरत और भावपूर्ण रचनाओं से समां बांधा।

 कार्यक्रम के अंत में लुधियाना इकाई की अध्यक्ष श्रीमती बेनु सतीशकांत जी ने सबको धन्यवाद दिया।