Friday, February 22, 2013

मधुमेह के मामले

22-फरवरी-2013 15:24 IST
भारत में 2011 में 61.3 मिलियन व्‍यक्ति मधुमेह से पीडित थे
अंतर्राष्‍ट्रीय मधुमेह फेडरेशन के आंकड़ों के अनुसार भारत में वर्ष 2011 में 20 वर्ष और उससे अधिक आयु के 61.3 मिलियन व्‍यक्ति मधुमेह से पीडित थे। राज्‍य/संघशासित क्षेत्र के हिसाब से मधुमेह से पीडित व्‍यक्तियों के आंकड़े उपलब्‍ध नहीं हैं। 

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) के अनुसार अस्‍वस्‍थ आहार, शारीरिक श्रम का अभाव, एल्‍कोहल का हानिकारक उपयोग, अधिक वजन, मोटापा, तम्‍बाकू सेवन आदि इस असंचारी रोग के बढ़ने के कारण हैं। 

भारत सरकार ने 21 राज्‍यों के 100 जिलों में 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान कैंसर, मधुमेह तथा हृदयघात (एनपीसीडीसीएस) की रोकथाम तथा नियंत्रण के लिए राष्‍ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया। इस का उद्देश्‍य जागरूकता फैलाकर, व्‍यवहार तथा जीवन शैली में बदलाव लाना, उच्‍च रक्‍तचाप के लक्षण वाले व्‍यक्तियों का जल्‍द निदान करके असंचारी तथा मधुमेह की रोकथाम और इसे नियंत्रित करना है। यह कार्यक्रम 30 वर्ष से अधिक आयु के व्‍यक्तियों को विभिन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों जैसे जिला अस्‍पताल, सामुदायिक केन्‍द्र तथा उप-केन्‍द्रों में इन रोगों के उचित उपचार के लिए विभिन्‍न अवसर पर जांच प्रदान करता है। 

ये जानकारी स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद ने आज लोकसभा में एक लिखित प्रश्‍न के उत्‍तर में दी। (PIB)
मीणा/शोभा/यशोदा - 687

Friday, February 15, 2013

इलाहाबाद कुंभ मेले में ध्‍वनि और प्रकाश कार्यक्रम


15-फरवरी-2013 17:58 IST
कुल अवधि 2 घंटे 20 मिनट--150 कलाकारों ने भाग लिया
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपनी मीडिया इकाई संगीत और नाटक प्रभाग के जरिए अपने अभिनव कार्यक्रम के हिस्‍से के रूप में इलाहाबाद कुंभ मेले में जमुनिया विषय पर आधारित 14 दिन का ध्‍वनि और प्रकाश कार्यक्रम संचालित किया। यह कार्यक्रम मेले के माहौल को देखते हुए उचित रूप से ढ़ाला गया था। जमुनिया ध्‍वनि और प्रकाश कार्यक्रम शुरू में नुक्‍कड़ नाटक के रूप में अपनाया गया । इसका शीर्षक है जमुनिया-आकांक्षा उभरते भारत की । 

नुक्‍कड़ नाटक ने इलाहाबाद के कुंभ मेले में बड़ी संख्‍या में श्रद्धालुओं को आकर्षित किया और यह कार्यक्रम कई दिनों तक दिन के समय प्रस्‍तुत किया गया। नुक्‍कड़ नाटक की अवधि 45 मिनट थी और कुंभ मेले के परिसर में प्रस्‍तुत इस कार्यक्रम की लाखों श्रद्धालुओं में अनुकूल प्रतिक्रिया हुई। इस पहल ने मुख्‍य कार्यक्रम जमुनिया-तस्‍वीर बदलते भारत की ने भीड़ को आकर्षित करने में सफलता प्राप्‍त की। यह कुंभ मेले के मुख्‍य स्‍थल से थोड़ा हटकर इलाहाबाद के कंपनी बाग मैदान में सायंकाल के समय प्रस्‍तुत किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 150 कलाकारों ने भाग लिया और इसकी कुल अवधि 2 घंटे 20 मिनट थी। 

जमुनिया-तस्‍वीर बदलते भारत की ध्‍वनि और प्रकाश कार्यक्रम एक ग्रामीण महिला की कहानी है जो अभाव और गरीबी से उठकर एक स्‍थानीय नेता के रूप में उभरती है और अंतत: एक ग्राम सरपंच बनती है। वह केंद्र सरकार के सूचना के अधिकार और शिक्षा के अधिकार सहित विभिन्‍न महत्‍वपूर्ण्‍ कार्यक्रम का लाभ उठाती है। 

सन 2010 में शुरू किये गए जमुनिया ध्‍वनि और प्रकाश कार्यक्रम देश के अनेक भागों में प्रस्‍तुत किया जा चुका है। इनमें राजकोट,पोरबंदर,पन्‍ना, अमरावती, सीकर, हरिद्वार, रायबरेली और अमेठी प्रमुख शहर हैं। 

जमुनिया ध्‍वनि और प्रकाश कार्यक्रम भारत की प्रमुख भाषाओं यथा पंजाबी, गुजराती, उडि़या, बंग्‍ला, असमिया, कन्‍नड़ ,तेलुगु, मलयालम आदि में रूपांतरित किया जा चुका है और यह देश के अन्‍य भागों में भी प्रस्‍तुत किये जाने के लिए तैयार है। (PIB)

नुक्‍कड़ नाटक के रूप में कार्यक्रम का प्रस्‍तुतीकरण
एक ग्रामीण महिला की कहानी
***

Mujhe Abhi Nahi Rona

Monday, February 11, 2013

गृह मंत्रालय की मासिक रिपोर्ट-जनवरी, 2013

11-फरवरी-2013 18:53 IST
केंद्रीय गृहमंत्री श्री सुशील कुमार शिंदे का आज नई दि‍ल्‍ली में एक मासि‍क पत्रकार सम्‍मेलन में दि‍या गया वक्‍तव्‍य इस प्रकार है:- मणिपुर के घाटी स्थित एक विद्रोही समूह यू पी पी के, जिसे पहले प्रीपाक-शांति गुट के नाम से जाना जाता था, के 4 महिला काडरों सहित 47 काडरों ने मणिपुर के सीमावर्ती कस्‍बे मोरेह में मणिपुर पुलिस तथा असम रायफल्‍स के सामने आत्‍मसमर्पण किया। उन्‍होंने कुछ मात्रा में आर डी एक्‍स सहित 37 हथियार जमा करवाए। गृह मंत्रालय ने म्‍यांमार से उनके प्रत्‍यर्पण को सुगम बनाया। यह आत्‍मसर्मपण करने वाला पहला प्रमुख वी बी आई जी है तथा यह सराहनीय बात है। 

2. राज्‍य पुलिस बलों के आधुनिकीकरण की योजना (एम पी एफ स्‍कीम) को 12,378 करोड़ रूपये के प्रावधान से वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने के प्रस्‍ताव को मंत्रिमंडल द्वारा 7 फरवरी, 2013 को अनुमोदित किया गया है। इसमें योजनेत्तर के अंतर्गत 8628 करोड़ रुपये (महानगर पुलिस व्‍यवस्‍था के लिए 432 करोड़ रुपये सहित) तथा योजनागत के अन्‍तर्गत 3750 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है। 

3. यौन उत्‍पीड़न के दोषसिद्ध व्‍यक्तियों को मृत्‍यु दंड सहित कड़ी सजा दिलवाने के लिए सरकार ने दिनांक 3 फरवरी, 2013 को दंड विधि (संशोधन) अध्‍यादेश 2013 प्रख्‍यापित किया है। 

4 28-29 जनवरी को, मैं ढाका में बंगलादेश के गृह मंत्री, डॉ. मुहिउद्दीन खान आलमगीर से मिला। हमने भारत सरकार और बंगलादेश के बीच प्रत्‍यर्पण संधि तथा संशोधित यात्रा व्‍यवस्‍था पर हस्‍ताक्षर किए जिससे दोनों देशों की विधि प्रवर्तन एजेन्सियों के बीच सहयोग करने, आपराधिक गतिविधियों को रोकने, वीज़ा प्रक्रिया को आसान बनाने तथा लोगों के बीच परस्‍पर सम्‍पर्क को बढ़ाना सुनिश्चित होगा। 

5. हमने जीरो रेखा से 150 गज के भीतर विकास कार्य आरंभ करने तथा सीमाओं के दोनों ओर से नियमित परस्‍पर- सम्‍पर्क बनाने के लिए सहमति दी। स्‍थानीय मुद्दों को हल करने के लिए सीमावर्ती जिलों के जिला आयुक्‍तों और जिला मजिस्‍ट्रेटों के बीच परामर्श शुरू हो गया है। मेरा यह विश्‍वास है कि विभिन्‍न स्‍तरों पर नियमित आदान-प्रदान से परस्‍पर सहमति बढ़ेगी तथा मुद्दों का हल निकलेगा। 

6. 10 जनवरी, 2013 को, कनाडा के माननीय आप्रवासन मंत्री, श्री जसॉन किन्‍नी ने भी नई दिल्‍ली में मुझ से मुलाकात की और परस्‍पर हित के द्विपक्षीय सुरक्षा मामलों पर विचार-विमर्श किया। 

7. झारखण्‍ड के राज्‍यपाल की सिफारिशों पर, केन्‍द्रीय मंत्रिमण्‍डल ने 17.01.2013 को आयोजित अपनी बैठक में, राज्‍य विधान सभा को निलम्‍बन की स्थिति में रखते हुए, भारत के संविधान के अनुच्‍छेद 356 (1) के अन्‍तर्गत झारखण्‍ड राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लगाने संबंधी उदघोषणा जारी करने के प्रस्‍ताव का अनुमोदन किया। राष्‍ट्रपति ने 18 जनवरी, 2013 को उदघोषणा को स्‍वीकृति प्रदान कर दी है। 

8. 3 जनवरी 2013 को भारत के राष्‍ट्रपति ने विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन अधिनियम 2012 को मंजूरी दी। इस अधिनियम में किसी संगम को विधिविरुद्ध घोषित किए जाने की अ‍वधि को बढ़ाकर 2 से 5 वर्ष किया गया है। उच्‍च गुणवत्ता वाली भारतीय पेपर करेंसी, सिक्‍के अथवा अन्‍य किसी सामग्री का उत्‍पादन अथवा तस्‍करी अथवा परिचालन करके भारत की आर्थिक स्थिरता को क्षति पहुंचाना आतंकवादी गतिविधि के रूप में घोषित किया गया है। 

9. दिनांक 22 जनवरी, 2013 को, प्रथम अपर मेट्रो‍पोलिटन सत्र न्‍यायाधीश का न्‍यायालय, हैदराबाद को राष्‍ट्रीय अन्‍वेषण अभिकरण के रूप में अधिसूचित किया गया है, जिसके अध्‍यक्ष माननीय न्‍यायमूर्ति जी. लक्ष्‍मीपति होंगे। 

10.  दिनांक 24 जनवरी, 2013 को मंत्रिमंडल ने विशेष उद्योग पहल योजना, ‘उड़ान’ को और अधिक लचीली एवं संगत बनाने के लिए इसके मानदंडों के संशोधन संबंधी प्रस्‍ताव को अनुमोदित कर दिया है। 

11. जम्‍मू एवं दिल्‍ली में रह रहे पात्र कश्‍मीरी प्रवासियों के लिए नकद राहत को प्रति व्‍यक्ति प्रति माह 1250 रु. (प्रत्‍येक परिवार के लिए अधिकतम 5000 रु.) को दिनांक 1 जुलाई 2012 से भूतलक्षी प्रभाव से बढ़ाकर प्रति व्‍यक्ति प्रति माह 1650 रु. (प्रत्‍येक परिवार के लिए अधिकतम 6600 रु.) किया गया। 

12. केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों को भूमि के अधिग्रहण के लिए 103 करोड़ रु. तथा कार्यालय/आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 57.5 करोड़ रु. की राशि स्‍वीकृत की गई है। 

13. वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्‍यों में सुरक्षा और विकास संबंधी मुद्दों के बारे में मंत्रिमंडल सचिव की अध्‍यक्षता में को वामपंथी उग्रवाद संबंधी समीक्षा समूह की दो बैठकें दिनांक 28 जनवरी, 2013आयोजित की गईं। 

14. जनवरी, 2013 के दौरान, आई वी एफ आर टी के अंतर्गत एकीकृत ऑनलाइन वीजा आवेदन प्रणाली को डबलीन (आयरलैंड) तथा रेकजाविक (आईसलैंड) में स्थित भारतीय मिशनों में प्रचालनात्‍मक बनाया गया है। यह सुविधा अब विदेशों में स्थित 103 भारतीय मिशनों में प्रचालन में है। 

15. भारत के राष्‍ट्रपति ने 108 पदम पुरस्‍कार अनुमोदित किए हैं, जिनमें 4 पदम विभूषण, 24 पदम भूषण तथा 80 पदम श्री पुरस्‍कार शामिल हैं। 

16. गणतन्‍त्र दिवस, 2013 के अवसर पर 875 पुलिस पदक घोषित किए गए जिनमें शौर्य के लिए राष्‍ट्रपति का एक पुलिस पदक, शौर्य के लिए 115 पुलिस पदक, विशिष्‍ट सेवा के लिए राष्‍ट्रपति के 88 पुलिस पदक तथा सराहनीय सेवा के लिए 671 पुलिस पदक शामिल हैं।

17. 26 जनवरी, 2013 को 3 सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, 10 उत्तम जीवन रक्षा पदक तथा 37 जीवन रक्षा पदकों सहित पुरस्‍कारों की 50 जीवन रक्षा पदक श्रृंखला के लिए सिफारिशें अधि‍सूचित की गईं। 

18. गणतन्त्र दिवस, 2013 को 37 सुधारात्‍मक सेवा पदक प्रदान किए गए, जिनमें विशिष्ट सेवा के लिए राष्‍ट्रपति के 5 सुधारात्‍मक सेवा पदक, सराहनीय सेवा के लिए 29 सुधारात्‍मक सेवा पदक तथा शौर्य के लिए राष्‍ट्रपति के 3 सुधारात्‍मक सेवा पदक शामिल हैं। 

19. क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्‍टम (सी सी टी एन एस) की एक प्रायोगिक परियोजना 4 जनवरी, 2013 को शुरू की गई। इस प्रायोगिक परियोजना में 25 राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों में लगभग 2000 पायलट स्‍थानों की कनेक्टिविटी की अलग से व्‍यवस्‍था है। केन्‍द्रीय प्रायोगिक परियोजना की शुरूआत के बाद, आंध्र प्रदेश, मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान, झारखण्‍ड, केरल, सिक्किम, ओडिशा, हरियाणा, त्रिपुरा, मिजोरम, अण्‍डमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, दादरा एवं नगर हवेली, दमण एवं दीव तथा राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली ने भी इस माह के दौरान यह परियोजना आरंभ कर दी है। 

20. भारत-बंगलादेश सीमा पर, 3 सीमा चौकियों का निर्माण जनवरी, 2013 के दौरान पूरा किया गया। 

21.  सरकार ने भारत-चीन सीमा पर भारत-तिब्‍बत सीमा पुलिस की प्राथमिकता वाली 27 सड़कों को स्‍वीकृति प्रदान की है जो कुल 805 कि.मी. होती हैं। पूरा किया गया संचयी कार्य 562.66 कि.मी. फॉरमेशन तथा 248.93 कि.मी. सर्फेसिंग है। 

22. जनवरी, 2013 तक तटीय सुरक्षा के अंतर्गत 131 तटीय पुलिस स्‍टेशनों में से 118 के लिए भूमि निर्धारण के कार्य को अंतिम रूप से दिया गया है तथा 74 मामलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। तटीय राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों द्वारा 36 घाटों के लिए भूमि निर्धारण का कार्य पूरा कर लिया गया है। 

23. बी ए डी पी के अन्‍तर्गत वर्ष 2012-13 के बजट में निर्धारित कुल 990 करोड़ रु. के परिव्‍यय में से, 844 करोड़ रू. (85.26%) की राशि आज की स्थिति के अनुसार सभी 17 बी ए डी पी वाले राज्‍यों को जारी की जा चुकी है। 
24. यू आई डी ए आई नामांकन सॉफ्टवेयर का उपयोग करके, राष्‍ट्रीय जनसंख्‍या रजिस्‍टर (एन पी आर) तैयार करने के लिए बायोमेट्रिक्‍स प्राप्‍त करने की प्रक्रिया मणिपुर, नागालैंड, राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाड़ु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा एवं पश्चिम बंगाल राज्‍यों में चल रही है। आज की स्थिति के अनुसार, 10.19 करोड़ से अधिक व्‍यक्तियों का बायोमेट्रिक्‍स प्राप्‍त कर लिया गया है जिनमें से 1.16 करोड़ व्‍यक्तियों का बायोमेट्रिक्‍स इस महीने के दौरान लिया गया है। 111 करोड़ से अधिक व्‍यक्तियों के लिए डाटा एन्‍ट्री का कार्य पूरा कर लिया गया है जिनमें से 6 करोड़ व्‍यक्तियों की डाटा एन्‍ट्री इस महीने की गई है। तटीय एन पी आर के अंतर्गत, अब तक 61.15 लाख से अधिक कार्ड बना लिए गए हैं। 
(PIB)
*******
वि.कासोटिया/सुनील-530

Sunday, February 10, 2013

चमत्कारी औषधि:व्यक्ति सदा युवा और स्वस्थ रह सकेगा

9.02.2013, 09:33
बनें चिर युवा//डेढ़ साल बाद बिकने लगेगी G5 औषधि
नोवोसिबीर्स्क में विकसित औषधि के सारे प्री-क्लीनिकल टेस्ट पूरे
                        © फ़ोटो: ru.wikipedia.org
नोवोसिबीर्स्क के वैज्ञानिकों ने “संजीवनी” खोज ली है| उन्होंने एक अद्वितीय औषधि बनाई है जो मज्जा से स्टेम सेल यानी तना–कोशिकाएं बनवाती है| ये कोशिकाएं किसी भी रुग्ण अंग के पुनरुज्जीवन की क्षमता रखती हैं| सो, इस चमत्कारी औषधि की बदौलत व्यक्ति सदा युवा और स्वस्थ रह सकेगा|

स्टेम सेल से चिकित्सा का तो आजकल फैशन पूरे ज़ोरों पर है| इनसे दिल का दौरा (इन्फेर्क्शन), मस्तिष्क-आघात (ब्रेन हैमरेज) तथा कई तरह की गंभीर चोटों का इलाज करने में मदद मिल सकती है| सौंदर्य-उपचार यानी कोस्मेटोलोजी में तो इनकी सहायता से त्वचा को फिर से युवा बनाने के दावे किए जाते हैं| समस्या बस इतनी है कि इन कोशिकाओं के उपयोग की जो विधि इन दिनों प्रचलित है वह निरापद नहीं है, इस औषधि का विकास करनेवाली कंपनी के जनरल डायरेक्टर आंद्रेई अर्तामोनोव बताते हैं|

देखिए, आजकल काम कुछ इस तरह होता है: अस्थि-मज्जा से ताना-कोशिकाएं निकाली जाती हैं| फिर उन्हें विशेष द्रव्य में रखकर उनकी संख्या बढ़ाई जाती है और इसके बाद उन्हें “रोगी” की रक्त-प्रणाली में पुनः प्रवेशित किया जाता है| ध्यान देने की बात यह है कि इन कोशिकाओं का मल्टीप्लिकेशन मानव-शरीर के बाहर होता है| मानव शारीर में इन्हें डाले जाने के बाद इनका विभेदीकरण कैसे होगा यह कोई नहीं कह सकता – ये रुग्ण अंग में पहुँच कर उस अंग की कोशिकाओं का पुनर्निर्माण कर देंगी तो व्यक्ति स्वस्थ हो जाएगा, लेकिन अगर ये स्वस्थ अंग में पहुँच जाएं तो वहाँ क्या होगा? ह्रदय में पसली उग आई तो? दरअसल ऐसी कोशिकाएं मानव-शरीर के लिए “पराई” ही होती हैं|

अब नोवोसिबिर्स्क के वैज्ञानिकों ने इस समस्या का हल ढूँढ लिया है| उन्होंने G5 कोड-नाम वाली औषधि बनाई है| यह मनुष्य की अस्थि-मज्जा को नई तना-कोशिकाएं बनाने की “प्रेरणा” देती है| ये नवनिर्मित कोशिकाएं स्वयं ही विक्षत अंग को ढूँढ लेती हैं, और उसका “पुनर्निर्माण” कर देती हैं| विशेषज्ञ के शब्दों में G5 औषधि इन “मरम्मती-कोशिकाओं” को “घर” प्रदान कराती है, वे शरीर से बाहर नहीं जातीं| यह पुनरुज्जीवन औषधि है| अब तक संसार में इसका कोई समरूप नहीं है, आंद्रेई अर्तामोनोव कहते हैं:

आज के दिन में ऐसी कोई औषधि नहीं है| हमारी G5 अस्थि मज्जा को अपनी ही तना-कोशिकाएं बनाने की “प्रेरणा” देती है और ये कोशिकाएं मानव शरीर के भीतर ही रहती हैं| ज्यों-ज्यों मनुष्य की आयु बढ़ाती है, त्यों-त्यों उसके शरीर में तन-कोशिकाओं की संख्या कम होती जाती है, अतः हमारे अंगों के पुनरुज्जीवन की प्रक्रिया रुक जाती है, हम बूढ़े होने लगते हैं| अब चिकित्सा-विज्ञान में इस बात के प्रयास हो रहे हैं कि शरीर स्वयं अपने को बहाल करता जाए| 

आज तक सारी चिकित्सा लक्षणों को दूर करने वाली ही है| दर्द हो रहा है – दर्दहारी गोली दवाई ले लो| मानव शरीर में अंतर्निहित क्षमता का उपयोग करना कहीं अधिक मुश्किल काम है, लेकिन सही रास्ता यही है| इसी की बदौलत हम सब “युवा और सुखी हो पाएंगे, यह याद कर पाएंगे कि बचपन में हम कैसे थे|”

नोवोसिबीर्स्क में विकसित औषधि के प्री-क्लीनिकल टेस्ट सारे पूरे हो गए हैं| शीघ्र ही क्लीनिकल टेस्टिंग भी शुरू होगी| यह आशा की जा सकती है कि डेढ़ साल बाद G5 औषधि बिकने लगेगी|(रेडियो रूस से साभार)  
बनें चिर युवा//डेढ़ साल बाद बिकने लगेगी G5 औषधि Care, Health, Medicine, Traditional, Life, New Concept, Research,
 चमत्कारी औषधि:व्यक्ति सदा युवा और स्वस्थ रह सकेगा