Friday, October 2, 2026

हर रात के बाद सवेरा है-ज्योति बजाज नूर

 Jyoti Bajaj on Friday 2nd October 2026 at 21>47 After Celebration Her Birthday

अति प्रिय सदस्यों के नाम-जन्मदिवस के सुअवसर पर

 मैं भी कांटों पर लेटी हूं 

मैं भी किसी की बेटी हूं 

 अपने खून की पीड़ा, 


पीड़ा है लगती तुमको 

 तुम्हारी दी अनेकों पीड़ाए 

मैं अपने हृदय संग लपेटी हूं 

 मैं भी किसी की बेटी हूं 

 वक्त अपनी चाल चलता है 

कर्म फल हम सभी को मिलता है 

 गैरों सा बर्ताव मुझसे करने वालों 

 तुम्हारे ही कर्मों की खेती हूं 

 मैं भी किसी की बेटी हूं 

 जी भर कर मुझसे द्वेष करो 

 जो रह गया है शेष करो

 महाकाल की शक्ति संग मेरे 

मुझको ओर विशेष करो 

गंदगी बन के जितना मर्जी 

मुझ में प्रवेश करो

 सह जाऊंगी रह जाऊंगी

अलकनंदा सी बह जाउंगी 

 सोचना भी मत ढह जाउंगी 

 अंतर्मन की सारी बातें 

इक दिन सबसे कह जाऊंगी 

अब मर्यादाओं की हद में रहना 

 स्मरण रहे, 

तुम्हारी दी यातनाओं  की बंद पेटी हूं


मैं भी किसी की बेटी हूं

 मैं भी कांटों पर लेटी हूं 

 जीवन सुख दुख का घेरा है 

 दुनिया में कुछ ना तेरा मेरा है

 हर रात के बाद सवेरा है

 मगर वह आंखों वाले अंधे हैं 

 जिनके अंतर्मन में अंधेरा है 

 शक्ति का आवाहन करूं 

बहुत सहा,अब न अधिक सहूं 

 जीत है अब अंतिम निर्णय मेरा

 मिट्टी मेरी कोई आम नहीं 

माधव की प्रिय रमन रेती हूं 

मैं भी किसी की बेटी हूँ 

मैं भी काँटों पे लेटी हूँ 

        ज्योति बजाज नूर ✍️