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Tuesday, July 14, 2020

कलापीठ की ओर से फ़िरोज़पुर में दो हिंदी बाल पुस्तकों का विमोचन

Tuesday: 14th July 2020 at 17:58 Messenger  
शायर अनिल आदम ने सम्पादित की हैं दोनों हिंदी बाल पुस्तकें 
फ़िरोज़पुर: 14 जुलाई 2020: (हिंदी स्क्रीन ब्यूरो)::
जब पंजाब में गोली की भाषा बोली जा रही थी। हर तरफ सहम था। दहशत सी छै हुई थी। कलमकार भी बंट गए थे। कोई हिन्दू बन गया था तो कोई सिख। कोई सरकारी बन गया था तो कोई बागी। उस समय भी कलापीठ नामक संस्था इस बात पर ज़ोर देती रही कि कलमकार केवल कलमकार ही रहे। वह सच बोलने वाला ही रहे। वह सियासत, जाती-पाति, धर्मों और मज़हबों से ऊपर उठ कर केवल इंसान ही रहे। कलापीठ ने इसी तरह का संदेश देते आयोजन उन दिनों भी करवाए जब बोलना बेहद मुश्किल हो गए था। नफरत और अंधी हिंसा के उस दौर में भी कलापीठ ने शब्दों के ज़रिए लोगों के दिलों में प्रेम के दीप जलाये। अंधेरों के खिलाफ अपने शब्दों को रौशनी फैलाकर सत्य को बुलंद किया। एक नया इतिहास रचा उन दिनों कलापीठ ने। 
अब जबकि कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है तो इस नाज़ुक समय में भी कलापीठ सक्रिय है हमेशां की तरह। शब्द संस्कृति को फ़ैलाने और उत्साहित करने के लिए भी कलापीठ निरंतर काम कर  रही है। कोरोना के चलते सरकार की तरफ से जारी स्वास्थ्य सावधानी के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए कलापीठ के साहित्यिक आयोजन जारी हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का भी बाकायदा ध्यान रखा जाता है और अन्य ज़रूरी बातों का भी।  
बहुत ही सादगी से हुए ऐसे ही एक आयोजन में दो हिंदी पुस्तकों का विमोचन हुआ। "संगीतकार गधा" और "घमंड का सिर नीचा" नामक इन पुस्तकों को सम्पादित किया है जानेमाने शायर अनिल आदम ने। 
इस मौके पर कार्यक्रम के प्रधानगी मंडल में शामिल रहे प्रिंसिपल दिनेश, प्रोफेसर गुरतेज कोहारवाला, प्रोफेसर जसपाल घई, प्रोफेसर कुलदीप और अनिल आदम। 
प्रोफेसर जसपाल घई ने शायर अनिल आदम की शख्सियत और उसकी रचना पर जानकारी दी। उसके रचनात्मक अंदाज़ और साधना की भी चर्चा की। सुखजिंदर फ़िरोज़पुर ने बाल साहित्य के इतिहास प्रसंग को आज के संदर्भ में जोड़कर प्रस्तुत किया और इसे मौजूदा समय की एक प्रमुख आवश्यकता भी कहा। प्रोफेसर गुरतेज कोहारवाला ने बाल साहित्य के क्षेत्र में अनिल आदम के आने को बहुत ही शुभ बताया। प्रिंसिपल दिनेश ने ही अनिल आदम और कलापीठ के परसों की प्रशंसा की। 
मंच संचालक की ज़िम्मेदारी निभाते हुए हरमीत विद्धार्थी ने कालेज प्रबंधन, प्रिन्सिपलौर स्टाफ को धन्यवाद कहा। साथ ही अनिल आदम को अपनी इस नई उपलब्धि पर बधाई भी दी। इस अवसर पर प्रोफेसर कुलदीप, राजीव ख्याल, कपिल देव, डाक्टर अमनदीप सिंह, डाक्टर जीत पाल, यादविंदर सिंह, इक़बाल सिंह और अन्य लोग भी शामिल हुए। (डेस्क इनपुट:कार्तिका सिंह)