22-फरवरी-2013 18:34 IST
राष्ट्रीय संग्रहालय नई दिल्ली में जनता के रहेगी लिए 24 मार्च तक
केन्द्रीय संस्कृति मंत्री श्रीमती चंद्रेश कुमारी कटोच ने आज 'खुसरो का संसार' नामक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में राष्ट्रीय संग्रहालय नई दिल्ली के संग्रह से प्राप्त 22 कला वस्तुएं (7 पांडुलिपियां- किरण अस सैदान, इजाज ए खुसरवि, हश्त बिहिस्त, शिरीन खुसरो), 2 लघुचित्र पेन्टिंग (निजामुद्दीन औलिया और राग बसंत), 6 वाद्य यंत्र 7 सजावटी कला कृतियों को प्रदर्शित किया गया है।
संस्कृति, विज्ञान और कला के क्षेत्र में अमीर खुसरो का योगदान अमीर खुसरो देलवी के 13वीं-14वीं शताब्दी काल की कला और संस्कृति की सूझबूझ और आज देश में उसकी निरंतरता को दर्शाता है। इस प्रदर्शनी में भारतीय विरासत, इतिहास और संस्कृति में अमीर खुसरो के बहुआयामी योगदान का भी अच्छा प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने 2 महान सभ्यताओं का मिलन देखा था और उन्होंने इसका अपनी साहित्यिक कृतियों में इतनी खूबसूरती से उपयोग किया है कि इरान और मध्य एशिया के धुरन्धरों को भी उन्होंने पीछे छोड़ दिया है। इस प्रदर्शनी के दौरान 8 मार्च 2013 को राष्ट्रीय संग्रहालय के सभागार में उस्ताद जमील अहमद के मसनवी गायन का आयोजन किया जाएगा। यह प्रदर्शनी जनता के लिए 24 मार्च 2013 (सोमवार को छोड़कर) तक खुली रहेगी। (PIB)***
वि.कासोटिया/इंद्रपाल/रामकिशन -695
